गुरुवार, 4 दिसंबर 2008

मैं क्या करूं

मैने कहा/ बह रहा है

उसने समझा खून मैने

कहा उड़ रहा है

उसने समझा परिहास

मैने कहा दौड़ रहा है

उसने समझा शैतान

मैने कहा उठ रहा है

उसने समझा जनाजा।

बह पानी भी सकता है

उड़ रहा था पंछी

दौड़ता रहा समय निरंतर

या उठ सकता है स्तर

ऐसा उसने कुछ नहीं

समझा मैं क्या करूं।

7 टिप्‍पणियां:

Suresh Chiplunkar ने कहा…

आपका हार्दिक स्वागत है, इसी तरह लिखते रहें, शुभकामनायें… सिर्फ़ एक अर्ज है कि वर्ड वेरिफ़िकेशन हटा दें, ताकि आसानी से टिप्पणी की जा सके… धन्यवाद…

Dr. Uday 'Mani' Kaushik ने कहा…

सादर अभिवादन बन्धु
पहले तो हिन्दी ब्लोग्स के नये साथियों मे आपका स्वागत है , बधाई स्वीकार करें

चलिये अपने रचनात्मक परिचय के लिये पिछले दिनो के दुखद दौर मे लिखने मे आये ये २-३ मुक्तक देखें .

हर दिल मे हर नज़र मे , तबाही मचा गये
हँसते हुए शहर में , तबाही मचा गए
हम सब तमाशबीन बने देखते रहे
बाहर के लोग घर में , तबाही मचा गए

और

राजधानी चुप रही ..

किसलिए सारे जावानों की जवानी चुप रही
क्यों हमारी वीरता की हर कहानी चुप रही
आ गया है वक्त पूछा जाय आख़िर किसलिए
लोग चीखे , देश रोया , राजधानी चुप रही

और

हमको दिल्ली वापस दो

सारा बचपन ,खेल खिलौने ,
चिल्ला-चिल्ली वापस दो
छोडो तुम मैदान हमारा ,
डन्डा - गिल्ली वापस दो
ऐसी - वैसी चीजें देकर ,
अब हमको बहलाओ मत
हमने तुमको दिल्ली दी थी ,
हमको दिल्ली वापस दो...

चलिये शेश फ़िर कभी

आपकी प्रतिक्रियाओं का इन्तज़ार रहेगा
डॉ . उदय 'मणि '
684महावीर नगर द्वितीय
94142-60806
(सार्थक और समर्थ रचनाओं के लिये देखें )
http://mainsamayhun.blogspot.com

प्रवीण त्रिवेदी...प्राइमरी का मास्टर ने कहा…

आपका हार्दिक स्वागत है!!!!!!
शुभकामनायें!!!!!

वर्ड वेरिफ़िकेशन हटा दें, ताकि आसानी से टिप्पणी की जा सके!!!!!


प्राइमरी का मास्टर

रचना गौड़ ’भारती’ ने कहा…

आपने बहुत अच्छा लिखा है ।
भावों की अभिव्यक्ति मन को सुकुन पहुंचाती है।
लिखते रहि‌ए लिखने वालों की मंज़िल यही है ।
कविता,गज़ल और शेर के लि‌ए मेरे ब्लोग पर स्वागत है ।
मेरे द्वारा संपादित पत्रिका देखें
www.zindagilive08.blogspot.com
आर्ट के लि‌ए देखें
www.chitrasansar.blogspot.com

ई-गुरु राजीव ने कहा…

हिन्दी ब्लॉगजगत के स्नेही परिवार में इस नये ब्लॉग का और आपका मैं ई-गुरु राजीव हार्दिक स्वागत करता हूँ.

मेरी इच्छा है कि आपका यह ब्लॉग सफलता की नई-नई ऊँचाइयों को छुए. यह ब्लॉग प्रेरणादायी और लोकप्रिय बने.

यदि कोई सहायता चाहिए तो खुलकर पूछें यहाँ सभी आपकी सहायता के लिए तैयार हैं.

शुभकामनाएं !

--'ब्लॉग्स पण्डित'
http://blogspundit.blogspot.com/

ई-गुरु राजीव ने कहा…

आपका लेख पढ़कर हम और अन्य ब्लॉगर्स बार-बार तारीफ़ करना चाहेंगे पर ये वर्ड वेरिफिकेशन (Word Verification) बीच में दीवार बन जाता है.
आप यदि इसे कृपा करके हटा दें, तो हमारे लिए आपकी तारीफ़ करना आसान हो जायेगा.
इसके लिए आप अपने ब्लॉग के डैशबोर्ड (dashboard) में जाएँ, फ़िर settings, फ़िर comments, फ़िर { Show word verification for comments? } नीचे से तीसरा प्रश्न है ,
उसमें 'yes' पर tick है, उसे आप 'no' कर दें और नीचे का लाल बटन 'save settings' क्लिक कर दें. बस काम हो गया.
आप भी न, एकदम्मे स्मार्ट हो.
और भी खेल-तमाशे सीखें सिर्फ़ 'ब्लॉग्स पण्डित' पर.

संगीता पुरी ने कहा…

आपके इस सुंदर से चिटठे के साथ आपका ब्‍लाग जगत में स्‍वागत है.....आशा है , आप अपनी प्रतिभा से हिन्‍दी चिटठा जगत को समृद्ध करने और हिन्‍दी पाठको को ज्ञान बांटने के साथ साथ खुद भी सफलता प्राप्‍त करेंगे .....हमारी शुभकामनाएं आपके साथ हैं।